सम्पूर्ण कैरियर वास्तु संचय / Complete Career Vastu Collection — 7 Devtas + 4 Idols + 2 Tatva Rods
सम्पूर्ण कैरियर वास्तु संचय — एक ही सङ्ग्रह में सात देवता, चार प्रतिमाएँ, दो तत्त्व-छड़ें
कैरियर में प्रगति केवल किसी एक दिशा या एक उपाय से नहीं आती। यह विशेष सङ्ग्रह वास्तु-पुरुष-मण्डल के सात विभिन्न क्षेत्रों, चार महत्वपूर्ण प्रतिमाओं, तथा दो तत्त्व-छड़ों को एक साथ संयोजित करता है। साथ ही श्रीमद्भगवद्गीता के चुनिन्दा अध्यायों का स्वाध्याय आन्तरिक शुद्धि का माध्यम बनता है।
✦ सात कैरियर देवता
- Mahendra (E4) — प्रबन्धन-क्षमता व नेतृत्व-तेज
- Jayant (E3) — कठिन परिस्थितियों में विजय
- Surya (E5) — तेजस्विता, मान-प्रतिष्ठा
- Bhrisha (E7) — निरन्तर परिश्रम का फल
- Mitra (W) — सहयोगियों का साथ, कौशल-स्थिरता
- Soma (N5) — शीतल मस्तिष्क से निर्णय
- Savitra (SE) — कार्यारम्भ की प्रखरता
✦ चार वास्तु-प्रतिमाएँ
- Indra Dev 5.5" Brass — कार्यालय की मेज पर नेतृत्व-तेज हेतु
- Garuda — तीव्र दृष्टि व कार्य में स्वच्छता हेतु
- Vastu Compass — कार्यालय की दिशा निर्धारण हेतु यन्त्र
- Ashoka Pillar 10" — गौरव व नेतृत्व का सनातन प्रतीक
✦ दो तत्त्व-छड़ें
- Copper Rod 12mm × 12" — ताम्र तत्त्व ऊर्जा को संकेन्द्रित करता है
- Brass Rod 12mm × 12" — पीतल तत्त्व कम्पन को संतुलित रखता है
🪔 सहायक स्वाध्याय — Read chapters from Gita
इस सङ्ग्रह की साधना के साथ श्रीमद्भगवद्गीता के निम्न अध्यायों का अध्ययन अत्यन्त लाभकारी है:
- अध्याय २ (साङ्ख्य-योग व कर्मयोग का सार) — कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन — कार्य-चिन्ता का परम निवारण
- अध्याय ३ (कर्मयोग का विस्तार) — निष्क्रियता त्याग कर निरन्तर कर्म में संलग्न रहने का सन्देश
- अध्याय ६ (ध्यान-योग) — निर्णय लेने से पूर्व चित्त-शान्ति प्राप्त करने हेतु
- अध्याय १८ (मोक्ष-सन्न्यास-योग) — स्वधर्म-कार्य में निरत रहकर सिद्धि प्राप्त करने का मार्ग
इन अध्यायों का पाठ आप अपनी सुविधानुसार किसी भी विश्वसनीय गीता-संस्करण से कर सकते हैं — गीता प्रेस गोरखपुर का संस्करण सर्वत्र उपलब्ध है।
📐 तकनीकी विवरण
- कुल वस्तुएँ: 13 (7 देवता + 4 प्रतिमा + 2 छड़ें)
- देवता-धातु: उच्च-गुणवत्ता वाला पीतल, 12cm × 12cm × 4cm
- प्रतिमा-धातु: पीतल व मिश्रित तत्त्व
- छड़ें: 12mm व्यास × 12 इञ्च लम्बाई
- शुभ संस्थापन-दिन: बुधवार अथवा बृहस्पतिवार, सूर्योदय के एक घण्टे पश्चात्
- व्यक्तिगत स्थान-निर्देशन: कृपया अपने भवन का मानचित्र WhatsApp पर प्रेषित करें — विश्लेषण निःशुल्क
यह सङ्ग्रह तत्काल चमत्कार का दावा नहीं करता। यह तीन से छह मास के निरन्तर अभ्यास का साधन है — जो साधक नित्य 11 मिनट का संक्षिप्त उपासना-क्रम अपनाते हैं, उन्हें क्रमशः परिणाम परिलक्षित होते हैं।
Highlights
- 📈 7 Career-focused Devtas (Mahendra · Jayant · Surya · Bhrisha · Mitra · Soma · Savitra) / सात कैरियर-केन्द्रित देवता
- 🏛️ 4 Vastu Idols — placed per Astrology Box (Nakshatra Kosht) / चार वास्तु-प्रतिमाएँ — ज्योतिष-कोष्ठ अनुसार स्थापन
- 🔱 2 Tatva Rods (Copper + Brass) for workspace / दो तत्त्व-छड़ें — कार्य-स्थल हेतु
- 🪔 Recommended: Read Bhagavad Gita chapters 2, 3, 6, 18 / गीता के चयनित अध्यायों का स्वाध्याय
- 💰 Save ₹6,160 vs individual purchase / पृथक्-क्रय की तुलना में ₹6,160 की बचत
- 📖 Installation guide with every item / प्रत्येक वस्तु के साथ संस्थापन-विधि
- 📞 Free personalized guidance — WhatsApp +91 97704 40000 / निःशुल्क व्यक्तिगत मार्गदर्शन
Why this product
एक-एक करके यह वस्तुएँ ख़रीदने पर ₹26,159 का व्यय होता है। इस सङ्ग्रह में ₹19,999 की मूल्य पर सब कुछ एक साथ — ₹6,160 की प्रत्यक्ष बचत। साथ-ही, सङ्ग्रह-संस्थापन से प्राप्त होने वाला सम्मिलित प्रभाव पृथक् वस्तुओं से कहीं अधिक होता है — जैसे एकल यन्त्र की तुलना में सम्पूर्ण मन्दिर का प्रभाव। यह तीन से छह मास के नियमित साधना-क्रम का आरम्भ-बिन्दु है।Customer story
कैरियर में प्रगति एक बहु-आयामी विषय है। केवल नेतृत्व पर्याप्त नहीं, केवल कौशल पर्याप्त नहीं, केवल विवेक भी पर्याप्त नहीं — इन समस्त गुणों का समन्वय आवश्यक है। यह सङ्ग्रह सात पृथक् क्षेत्रों के देवताओं, चार स्थान-विशेष प्रतिमाओं, तथा दो तत्त्व-छड़ों को एक साथ संयोजित करता है। साथ ही — हम परम्परा का आदर करते हुए श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय २, ३, ६ व १८ के स्वाध्याय की संस्तुति करते हैं। यह केवल भौतिक उपायों का संचय नहीं, अपितु एक सम्पूर्ण साधना-मार्ग है।